शिवलिंग क्या है ?


शिव लिंग विशेष मुस्लिमो और अंग्रेज़ो ने शिवलिंग को गुप्तांग की संज्ञा कैसे दी।और अब हम बेवकूफ हिन्दू खुद शिवलिंग को शिव् भगवान का गुप्तांग समझने लगे हे और दूसरे हिन्दुओ को भी ये गलत जानकारी देने लगे है। प्रकृति से शिवलिंग का क्या संबंध है : जाने शिवलिंग का वास्तविक अर्थ क्या है और कैसे इसका गलत अर्थ (मुस्लिमों)…

धर्मांतरण रोकने के लिए जिन्‍होंने शस्‍त्र उठाया, सूअर पाला, हिंदुओं ने उन्‍हें ही अछूत बना डाला!


इतिहास जब पढने बैठता हूं तो काफी तकलीफों से घिर जाता हूं। आखिर किस तरह से अंग्रेज व वामपंथी-कांग्रेसी इतिहासकारों ने हमारे गर्व को कुचला है और हमें अपने ही भाईयों से जुदा कर दिया है, अधकचरा इतिहास लिख-लिख कर। खासकर हिंदू समाज को छिन्‍न-भिन्‍न करने का काम जिस तरह से मध्‍यकाल में इस्‍लामी अक्रांताओं ने किया, उसी तरह ब्रिटिश…

मुझे गर्व है कि मैं आरक्षित वर्ग से नहीं आता…


मुझे गर्व है की मैं आरक्षित वर्ग से नहीं आता । मुझे अत्यंत गर्व है की मैं एक जनरल वर्ग से आता हूँ क्योंकि – आज मैं जो कुछ भी हूँ अपनी योग्यता , बुद्धि कौशल के बलबूते हूँ न कि जाति प्रमाण पत्र के । बचपन से लेकर युवावस्था तक मैंने स्वाभिमान से सर उठा कर दुनियाँ की हर…

4 साल के बेटे का जिगर निकाल कर उसके बाप के मुँह में डाल दिया, फिर भी नहीं किया इस्लाम कबूल…


भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अठारहवीं शताब्दी के शुरू में ही हुईं दो लड़ाइयां अपना ऐतिहासिक महत्त्व रखती हैं। इन दोनों लड़ाइयों ने पश्चिमोत्तर भारत में विदेशी मुगल वंश के कफन में कील का काम किया। ये लडाइयां थीं-पंजाब में सरहिंद और गुरदास नंगल की लड़ाई। इन दोनों लड़ाइयों का नेतृत्व बंदा सिंह बहादुर ने किया। बंदा सिंह बहादुर को…